मायके जाने निकली महिला तीन मासूम बच्चों संग लापता
सात दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, पति ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ रहस्यमयी हालात में लापता हो गई है। कबीरधाम जिले के पांडातराई क्षेत्र से इलाज कराने के बहाने निकली महिला आज तक न तो अपने मायके पहुंची और न ही कोई संपर्क हो सका। घटना को सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन महिला और बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिजनों की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
पांडातराई थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक (34 वर्ष) ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) 2 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे अपने तीन बच्चों के साथ शारदा बस से बिलासपुर के अशोकनगर स्थित मायके जाने के लिए निकली थी। उसने कहा था कि बच्चों और खुद की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए अस्पताल में इलाज कराना है।
शाम होते-होते जब पति ने संपर्क करने की कोशिश की तो पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। घबराए परिजनों ने तुरंत मायके पक्ष से संपर्क किया, लेकिन वहां से चौंकाने वाली जानकारी मिली—महिला वहां पहुंची ही नहीं थी।
रात भर रिश्तेदारों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, मगर कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि महिला और बच्चों को महाराणा प्रताप चौक, बिलासपुर में उतारा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
महिला के पति का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उसका कहना है कि पत्नी और बच्चों की तलाश में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही। परेशान पति ने पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द मदद की गुहार लगाई है।
फिलहाल पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल अब भी कायम है—
महाराणा प्रताप चौक पर उतरने के बाद महिला और तीन मासूम आखिर कहां चले गए?

