इश्क, शराब और मौत: पत्नी ने प्रेमी संग रचा खून का खेल, लावारिस लाश से खुला खौफनाक राज
नोएडा। दादरी की ठंडी रात… सुनसान प्लॉट… और झाड़ियों के पास पड़ी एक लावारिस लाश। पहली नजर में यह सिर्फ एक अज्ञात शव था, लेकिन पुलिस को क्या पता था कि इस लाश के पीछे छिपी है इश्क, धोखे और खूनी साजिश की ऐसी कहानी, जो किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं।
कठहैरा रोड की शिव वाटिका कॉलोनी के पास शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई। लोग सहमे, पुलिस पहुंची, और शुरू हुई पहचान की जद्दोजहद। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुए, पंपलेट लगे, सीसीटीवी खंगाले गए… घंटों की मशक्कत के बाद नाम सामने आया गोविन्द रावल उर्फ भूरा। घर में खबर पहुंचते ही मातम छा गया, लेकिन असली तूफान अभी बाकी था।
जांच में मिला पहला सुराग… और खुलने लगा राज
पुलिस ने कॉल डिटेल खंगालीं, लोकेशन ट्रेस की, और शक की सुई धीरे-धीरे गोविन्द के करीबियों पर टिकने लगी। कहानी ने अचानक खतरनाक मोड़ लिया जब सामने आया—गोविन्द की अपनी पत्नी ही इस साजिश की कड़ी हो सकती है।
पत्नी और प्रेमी का खतरनाक रिश्ता
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गोविन्द शराब पीकर अक्सर पत्नी प्रीति से मारपीट करता था। इसी बीच करीब दो साल पहले प्रीति और रोहित के बीच नजदीकियां बढ़ीं… नजदीकियां प्यार में बदलीं… और प्यार ने जन्म दिया एक खौफनाक फैसले को—“गोविन्द को रास्ते से हटाना होगा।”
मौत की रात: पहले शराब, फिर वार
12 फरवरी की रात प्लान तैयार था। रोहित ने दोस्ताना अंदाज में गोविन्द को घर से बुलाया। धर्मेन्द्र की बाइक, रास्ते में मुलाकात नफीस से… और फिर जीटी रोड के पास शराब की बोतल खुली।
खाली प्लॉट में बैठकर जाम पर जाम चढ़े… गोविन्द नशे में धुत हो गया… और उसी पल साजिश ने असली रूप ले लिया।
अचानक रोहित ने पीछे से गोविन्द के हाथ जकड़ लिए। इससे पहले कि वह संभल पाता
नफीस ने बांका निकाला… और ताबड़तोड़ वार शुरू हो गए।
कुछ ही सेकंड में दोस्ती खून में बदल चुकी थी। गोविन्द जमीन पर गिरा… और वहीं उसकी सांसें थम गईं।
लाश छिपाई… मगर सच नहीं छिपा
हत्या के बाद शव को प्लॉट की बाउंड्री किनारे फेंक दिया गया। आरोपी ऐसे घर लौटे जैसे कुछ हुआ ही न हो। लेकिन डर ने पीछा नहीं छोड़ा।
तीन दिन बाद रोहित और धर्मेन्द्र फिर लौटे… शव उठाया… दूसरी जगह फेंक दिया… ताकि पुलिस भटक जाए।
मुठभेड़, गिरफ्तारी और पूरा खुलासा
तकनीकी जांच ने आखिरकार चारों को बेनकाब कर दिया। 19 फरवरी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद रोहित और नफीस को दबोच लिया। उनके पास से हत्या का हथियार, अवैध तमंचा और बाइक बरामद हुई। बाद में धर्मेन्द्र और पत्नी प्रीति भी गिरफ्तार कर लिए गए।
इश्क का अंत सलाखों के पीछे
जिस रिश्ते की शुरुआत छिपकर हुई थी, उसका अंत जेल की सलाखों में हुआ।
पति से छुटकारा पाने की साजिश ने चार जिंदगियां बर्बाद कर दीं—एक की जान गई, और बाकी की आजादी।

