मुख्य नहर किनारे अवैध खुदाई, ईंट निर्माण से सिंचाई व्यवस्था पर खतरा
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
उत्तम साहू
नगरी। क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली मुख्य नहर के किनारे ग्राम भाटखार में अवैध रूप से मिट्टी की खुदाई कर ईंट निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। नहर की नाली से सटी जमीन को काटकर लगातार मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे नहर की संरचना कमजोर होने का खतरा मंडराने लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से नहर किनारे खुदाई का कार्य चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी और मैदानी अमला इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में नहर की दीवारों में दरार, पानी का रिसाव या टूट-फूट जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि यही नहर क्षेत्र की मुख्य जलापूर्ति का स्रोत है।
विभागीय अनदेखी पर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की देखरेख के लिए जिम्मेदार स्थल सहायक और सब इंजीनियर को मौके का निरीक्षण करने की फुर्सत नहीं है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले में जब संबंधित विभाग के एसडीओ से कार्यालय में संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वे अनुपस्थित मिले। दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे?
प्रशासन की चुप्पी, किसानों में आक्रोश
नहर क्षेत्र में अवैध गतिविधि खुलेआम जारी है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी छोटे किसान से मामूली त्रुटि हो जाए तो तत्काल कार्रवाई की जाती है, लेकिन यहां खुलेआम नियमों की अनदेखी के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल जांच कर अवैध खुदाई और ईंट निर्माण पर रोक लगाई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा नहर की सुरक्षा के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक चुप्पी साधे रहता है या फिर किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाता है।


