गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

0

 गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

एफपीओ को उपलब्ध कराई जाएगी नई पैकेजिंग मशीन, महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिलेगा प्रोत्साहन

बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश दी,कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी, 

उत्तम साहू 

धमतरी, 27 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली का दौरा कर जय मां लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था तथा समूह की आय-व्यय की विस्तृत जानकारी ली।



कलेक्टर श्री मिश्रा ने दोना-पत्तल निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पत्तों के संग्रहण, मशीनों की कार्यप्रणाली तथा तैयार उत्पाद की स्थानीय बाजारों में खपत की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर यह भी जाना कि समूह से जुड़कर उनकी मासिक आय में किस प्रकार वृद्धि हुई है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती शिवरात्रि विश्वकर्मा ने बताया कि दोना-पत्तल निर्माण हेतु आसपास के गांवों से पत्ते एकत्रित किए जाते हैं तथा तैयार उत्पाद को ग्राम स्तर और समीपस्थ बाजारों में विक्रय किया जाता है।

 निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का अवलोकन करते हुए उत्पादन लागत, कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग एवं विपणन तंत्र की जानकारी ली। समूह द्वारा बताया गया कि कच्चा माल रायपुर से मंगाया जाता है और तैयार उत्पाद को आकर्षक पैकेजिंग के साथ स्थानीय दुकानों में उपलब्ध कराया जाता है, जिससे महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो रही है। कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लघु उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



इसके पश्चात कलेक्टर मिश्रा ने गट्टासिल्ली स्थित एफपीओ सेंटर का निरीक्षण किया। प्रबंधन समिति द्वारा अवगत कराया गया कि समूह जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है, परंतु वर्तमान पैकेजिंग मशीन सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है। इस पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने समिति को नई पैकेजिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार में सहायता मिल सकेगी। उन्होंने एफपीओ को उत्पादों की बेहतर लेबलिंग, एफएसएसएआई पंजीयन (जहां आवश्यक हो) तथा डिजिटल विपणन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की दिशा में भी पहल करने की सलाह दी।



कलेक्टर ने उपस्थित महिलाओं को शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं से जुड़कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, बैंक लिंकेज मजबूत करने तथा समूह आधारित उद्यमों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समूहों को क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाकर बड़े बाजारों तक पहुंच बनानी चाहिए, जिससे आय में और अधिक वृद्धि संभव हो सके।

इस दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने महिलाओं को अपने बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

निरीक्षण अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विमल साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती जगरानी एक्का, एसडीएम नगरी श्री मनोज मरकाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोरझा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !