जेल से नौकरी तक झटका: सजा के बाद प्रधानपाठक रेखराम साहू निलंबित, मगरलोड बनाया मुख्यालय
उत्तम साहू
धमतरी, 20 फरवरी 2026। न्यायालय से सजा मिलने और 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानपाठक रेखराम साहू पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद शिक्षा विभाग में इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सहायक जेल अधीक्षक धमतरी के पत्र तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी धमतरी के प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की गई। प्रतिवेदन में बताया गया कि दाण्डिक अपील प्रकरण में माननीय सत्र न्यायाधीश धमतरी ने प्रधानपाठक रेखराम साहू को दोषी ठहराया है।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार, रेखराम साहू (पिता गुहलेद राम साहू), ग्राम मुजगहन निवासी, शासकीय प्राथमिक शाला सेहराडबरी में प्रधानपाठक पद पर पदस्थ थे और स्कूल केन्द्र संबलपुर में संकुल समन्वयक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
न्यायालय ने उन्हें परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत छह माह के सश्रम कारावास तथा 2 लाख 50 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जानकारी के मुताबिक वे 10 फरवरी 2026 से जिला जेल धमतरी में निरुद्ध हैं।
चूंकि वे 48 घंटे से अधिक अवधि तक जेल में रहे, इसलिए यह स्थिति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल मानी गई। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) एवं 9(2) के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया।
आदेश में निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी मगरलोड नियत किया गया है। नियमों के अनुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई सेवा नियमों के अनुरूप और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है।

