महिला आरक्षक से रेप के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित,
अफसर पर 8 साल तक शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
उत्तम साहू
बालोद, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से प्रशासनिक हलकों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। महिला आरक्षक से दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में घिरे डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। लंबे समय से लंबित कार्रवाई आखिरकार तब हुई जब पीड़िता ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी।
शादी का झांसा, 8 साल तक संबंध का आरोप
पीड़िता ने डौंडी थाना क्षेत्र में दर्ज FIR में आरोप लगाया है कि दिलीप उइके ने वर्ष 2017 में ITI में पढ़ाई के दौरान परिचय के बाद शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, यह संबंध करीब 8 साल तक चला, इस दौरान महिला तीन बार गर्भवती हुई और आरोपी ने कथित तौर पर जबरन गर्भपात कराया।
आर्थिक शोषण का भी आरोप
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके नाम पर कार खरीदी और उसके खाते से लगभग 3 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। साथ ही, पढ़ाई और कोचिंग के नाम पर हर महीने 4 से 5 हजार रुपये भी लेता रहा।
PSC पास कर बना डिप्टी कलेक्टर
बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में दिलीप उइके ने PSC परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर पद हासिल किया। आरोप लगने के समय वह बीजापुर में पदस्थ था।
RTI के बाद खुला निलंबन का आदेश
पीड़िता का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद करीब 6 महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने RTI लगाई, जिसके जवाब में सामान्य प्रशासन विभाग ने दिलीप उइके के निलंबन की जानकारी दी।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

