ऑनलाइन ठगी पर मगरलोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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ऑनलाइन ठगी पर मगरलोड पुलिस की बड़ी कार्रवाई

म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल



उत्तम साहू 

धमतरी, मगरलोड 7 फरवरी 2026। जिले में ऑनलाइन ठगी एवं म्यूल अकाउंट के बढ़ते मामलों पर सख्ती दिखाते हुए धमतरी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में थाना मगरलोड पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ठगी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त अनलॉजमेंट नंबर के आधार पर म्यूल अकाउंट लेयर-1 के एक खाते की जांच की गई। जांच में सामने आया कि दिनांक 9 जनवरी 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा, मेघा शाखा, थाना मगरलोड के एक खाते में ऑनलाइन ठगी के माध्यम से 24 हजार रुपये की राशि जमा की गई थी।

यह खाता धमेन्द्र कुमार साहू पिता भगोली राम साहू (27 वर्ष), निवासी बेलोरा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी के नाम पर पाया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए, जिनमें बताया गया कि एक व्यक्ति द्वारा धनलक्ष्मी बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर पीड़िता का मोबाइल लिया गया और ऑनलाइन लोन आवेदन के बहाने फोन-पे का पासवर्ड प्राप्त कर आरोपी के खाते के क्यूआर कोड के माध्यम से 24 हजार रुपये की ठगी की गई।

बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन से यह पुष्टि हुई कि उक्त राशि यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपी के खाते में प्राप्त हुई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चॉइस सेंटर संचालन से संबंधित शासन की गाइडलाइन के अनुसार कोई लेन-देन रजिस्टर संधारित नहीं करता था तथा क्यूआर कोड के माध्यम से अपने मोबाइल में राशि प्राप्त करता था। इस आधार पर संबंधित मोबाइल फोन को जप्त किया गया।

पीड़िता, गवाहों के कथन एवं बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर थाना मगरलोड में आरोपी के विरुद्ध अप.क्र. 06/26, धारा 317(2), 317(4), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

म्यूल अकाउंट क्या है?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति अपने नाम से खोलकर या अपना खाता दूसरों को उपयोग करने देता है, ताकि अपराध से अर्जित धन का लेन-देन किया जा सके। साइबर ठग इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश, लोन ऐप, ओटीपी फ्रॉड जैसी गतिविधियों में करते हैं। भले ही खाताधारक लालच या झांसे में आकर खाता देता हो, लेकिन कानूनी जिम्मेदारी उसी की होती है।

धमतरी पुलिस की आम जनता से अपील

  • अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई, ओटीपी, चेकबुक किसी को न दें
  • “आसान पैसे” या “कमीशन” के लालच में न आएँ
  • अनजान कॉल या मैसेज पर केवाईसी अपडेट न करें
  • संदेह होने पर तुरंत 112 या नजदीकी थाना/साइबर सेल से संपर्क करें
  • यदि कोई खाता उपयोग करने को कहे तो मना करें और तत्काल सूचना दें

धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन ठगी और म्यूल अकाउंट के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


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