पिता बना कातिल,छह साल के मासूम को उतारा मौत के घाट, गांव में पसरा सन्नाटा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जामढोंढी भदरापारा में एक निर्दयी पिता ने हैवानियत की सारी सीमाएं लांघते हुए अपने ही 6 वर्षीय बेटे को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद अंदर उतरकर उसे पानी में डुबो-डुबोकर मार डाला। मासूम की चीखें कुएं की गहराइयों में दब गईं और एक पिता कातिल बन गया।
रविवार शाम तक सब कुछ सामान्य था। आरोपी विनोद महेश्वरी अपने छोटे बेटे के साथ घर के सामने खड़ा देखा गया था, लेकिन सोमवार की सुबह गांव में ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे कोई भुला नहीं पाएगा। जैसे ही मृतक के चाचा मनोज महेश्वरी कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने पहुंचे, कुएं के भीतर से आई आवाज—
“मोटर बंद कर दो… मैं अंदर हूं।”
ग्रामीणों के रोंगटे तब खड़े हो गए जब पूछताछ पर विनोद ने ठंडे लहजे में कबूल किया “मैंने अपने बेटे को जान से मार दिया।”
कुएं के भीतर पिता के साथ मृत पड़ा था 6 साल का वह मासूम, जिसने अभी ठीक से दुनिया देखी भी नहीं थी। सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आरोपी व बच्चे के शव को बाहर निकाला गया। मासूम का निर्जीव शरीर देख पूरा गांव फूट-फूटकर रो पड़ा।
बताया जा रहा है कि आरोपी घरेलू विवाद और पत्नी से अलगाव के चलते मानसिक तनाव में था, लेकिन सवाल यह है—क्या तनाव की कीमत एक बच्चे की जान हो सकती है?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी विनोद महेश्वरी पिता स्व. मोहनराम महेश्वरी (उम्र 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 38/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और मातम का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और हर जुबान पर एक ही बात—
“अगर पिता ही हत्यारा बन जाए, तो मासूम कहां सुरक्षित हैं?”
इस सनसनीखेज मामले में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं उनकी टीम की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

