कलेक्टर के सघन निरीक्षण से नगरी विकासखंड में विकास कार्यों को नई गति
आंगनबाड़ी भूमिपूजन, IFC क्लस्टर समीक्षा, लखपति दीदी व स्कूटी दीदी के अनुभवों ने बढ़ाया उत्साह
उत्तम साहू
धमतरी, 14 फरवरी 2026। अबिनाश मिश्रा कलेक्टर ने शुक्रवार को धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बगरूमनाला के आश्रित ग्राम बेंद्रापानी सहित सियादेही, कुकरेल एवं डोकाल का सघन निरीक्षण कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसडीएम नगरी मनोज मरकाम, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नवीन आंगनबाड़ी भवन का भूमिपूजन
ग्राम बेंद्रापानी में स्वीकृत नवीन आंगनबाड़ी भवन का भूमिपूजन जनपद पंचायत नगरी अध्यक्ष महेश गोट्टा, सरपंच लोकेश्वरी सोरी एवं राजेश्वरी की उपस्थिति में कलेक्टर द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि सुदृढ़ आंगनबाड़ी भवन बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
आजीविका डबरी व जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण
कलेक्टर ने प्रगतिरत आजीविका डबरी का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जल संरक्षण, मत्स्यपालन तथा बहुउद्देश्यीय उपयोग से आय बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण गुणवत्ता और समयसीमा के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
IFC क्लस्टर से आय संवर्धन पर जोर
कुकरेल स्थित एकीकृत कृषि क्लस्टर (IFC) के समूहों के साथ बैठक कर आजीविका योजनाओं की समीक्षा की गई। क्लस्टर के माध्यम से फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। समूह आधारित कार्यप्रणाली, बीज-खाद उपलब्धता, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सुविधा से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की बात कही गई।
लखपति दीदी और स्कूटी दीदी ने साझा किए अनुभव
निरीक्षण के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। “लखपति दीदी” के रूप में चयनित महिलाओं ने बताया कि योजनाओं, प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज और विपणन सहयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
वहीं “स्कूटी दीदी” ट्रेनर ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में कई महिलाओं और किशोरियों ने दोपहिया वाहन चलाना सीखा तथा लर्निंग लाइसेंस बनवाकर आत्मविश्वास के साथ आवागमन कर रही हैं, जिससे रोजगार और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शासन की हर योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका विकास के प्रमुख स्तंभ हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट से दूरस्थ क्षेत्रों को राहत मिलेगी, जबकि IFC क्लस्टर, आजीविका डबरी और महिला सशक्तिकरण पहलें आय वृद्धि में सहायक सिद्ध होंगी।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगरी विकासखंड में आयोजित यह सघन निरीक्षण कार्यक्रम विकास कार्यों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, जल संरक्षण और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद जताई जा रही है।

