पिटाई से आदिवासी किसान की मौत: गिरफ्तार एसडीएम करुण डहरिया निलंबित, सरकार का कड़ा संदेश
रायपुर। आदिवासी किसान की मौत से जुड़े सनसनीखेज मारपीट कांड में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तार एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय, अंबिकापुर तय किया गया है।
बताया जाता है कि 15–16 फरवरी की दरमियानी रात बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित हंसपुर गांव में बॉक्साइट के कथित अवैध खनन की जांच के नाम पर एसडीएम निजी वाहन और बाहरी लोगों के साथ पहुंचे थे। सरना के पास तीन ग्रामीणों को रोककर उन पर अवैध उत्खनन का आरोप लगाया गया और फिर रॉड-डंडों व लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया।
मारपीट में तीनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां 62 वर्षीय रामनरेश राम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि अजीत उरांव और आकाश अगरिया अब भी घायल हैं।
घायलों का कहना है कि वे खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी बिना ठोस पूछताछ के उन पर हमला कर दिया गया। बयान के आधार पर राजपुर थाने में एसडीएम समेत उनके साथ मौजूद बाहरी व्यक्तियों—विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव—के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एसडीएम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
अब निलंबन की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि इस मामले में प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। जांच जारी है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

