औषधीय पादप बोर्ड: मिशन मोड में कर रहा है काम..विकास मरकाम
छत्तीसगढ़ में हर्बल क्रांति की शुरुआत, औषधीय खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
उत्तम साहू
रायपुर, 18 फरवरी 2026। राज्य को औषधीय एवं सुगंधित पौधों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ में तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार तथा वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य को विजन-2047 के तहत “हर्बल ग्रोथ इंजन” बनाने के लिए बोर्ड मिशन मोड में कार्य कर रहा है।
अध्यक्ष मरकाम ने जिला धमतरी के दौरे के दौरान बोर्ड के सहयोग से संचालित योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदियों के किनारे खस की खेती, लेमनग्रास एवं ब्राम्ही उत्पादन, बाड़ी योजना के तहत लगाए गए सिंदूरी पौधारोपण सहित अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों से उनके खेतों में जाकर मुलाकात की तथा योजनाओं से हो रहे लाभ और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।
किसानों और महिलाओं ने बताया कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से उन्हें बेहतर आय के साथ खेती में सम्मान भी मिल रहा है। अध्यक्ष मरकाम ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बोर्ड ने कई नवाचार मॉडल शुरू किए हैं, जिनमें बाड़ी औषधीय पौधारोपण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, पंचायतों की खाली भूमि पर स्व-सहायता समूहों द्वारा औषधीय खेती का कन्वर्जेन्स मॉडल, निजी निवेशकों के सहयोग से कस्टम फार्मिंग मॉडल, पैडी डायवर्सन के तहत धान की जगह वच और ब्राम्ही जैसी लाभकारी फसलों का उत्पादन, नदियों के किनारे अनुपयोगी भूमि पर खस की खेती तथा चारागाह भूमि को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना शामिल है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है और राज्य जल्द ही किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेगा।
फील्ड विजिट के दौरान बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव भी उपस्थित रहे। उन्होंने अध्यक्ष मरकाम तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बोर्ड आने वाले समय में औषधीय खेती के विस्तार और किसानों के सहयोग के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करेगा।

