गंगरेल-ठेमली आईलैंड को विकसित करने प्रशासन प्रतिबद्ध : कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता पूर्ण निर्माण पर दिया विशेष जोर
उत्तम साहू
धमतरी, 11 फरवरी 2026। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल गंगरेल-ठेमली आईलैंड को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज गंगरेल क्षेत्र में चल रहे विभिन्न पर्यटन विकास कार्यों तथा ग्राम ठेमली अंतर्गत ठेमली आईलैंड में प्रगति पर निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों के साथ पैदल चलकर पाथवे निर्माण कार्य का जायजा लिया तथा प्रस्तावित व्यू प्वाइंट और वॉच टावर के लिए स्थल का चिन्हांकन किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने गंगरेल जलाशय के आसपास विकसित की जा रही पर्यटन अधोसंरचना—जैसे पहुंच मार्गों का सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन एवं सांकेतिक बोर्ड की स्थापना—की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गंगरेल धमतरी जिले की पहचान है और इसे स्वच्छ, सुरक्षित एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
ठेमली आईलैंड में निर्मित हो रहे खरंजा फुटपाथ, विश्राम स्थल, बैठने की व्यवस्था, रेलिंग, सोलर लाइटिंग, व्यू प्वाइंट एवं हरित क्षेत्र विकास कार्यों का भी कलेक्टर ने अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि फुटपाथ का निर्माण स्वीकृत मानक डिजाइन के अनुरूप हो तथा वर्षा ऋतु में जलभराव से बचाव के लिए उचित ढलान और ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने पर्यटकों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, पार्किंग, प्राथमिक उपचार किट एवं सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आकर्षक सूचना पट्ट, दिशासूचक बोर्ड एवं स्थानीय जैव-विविधता संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया, ताकि पर्यटक क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित हो सकें।
उन्होंने वन विभाग एवं पंचायत विभाग को समन्वय स्थापित कर स्थानीय प्रजातियों के वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास और पर्यावरण संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए जाएं, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभागीय समन्वय और जनसहभागिता से गंगरेल-ठेमली आईलैंड क्षेत्र शीघ्र ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा और स्थानीय आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा।


