नगरी में रंगों की सजा बाजार: लाखों के कारोबार पर टिकी बाजार की नजरें

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नगरी में रंगों की सजा बाजार: लाखों के कारोबार पर टिकी बाजार की नजरें


उत्तम साहू 

नगरी/ जैसे-जैसे होली करीब आ रही है, नगरी का बाजार रंग, उमंग और उम्मीदों से सराबोर होता जा रहा है। मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक दुकानों की कतारें सज चुकी हैं। खासकर बजरंग चौक के आसपास रंग-गुलाल और पिचकारियों की चमक देखते ही बन रही है। इस बार व्यापारियों की निगाहें लाखों के कारोबार पर टिकी हैं और ग्राहकों का उत्साह भी चरम पर है।

इस बार बच्चों के लिए बाजार में जो पिचकारियां आई हैं, वे साधारण खिलौने नहीं बल्कि किसी मिशन की तैयारी जैसी दिखती हैं। गुलाल सिलेंडर: 2, 4 और 6 किलो वजन के सिलेंडरनुमा पैक, जो हूबहू ‘फायर एक्सटिंग्विशर’ जैसे नजर आते हैं। नोजल टेक्नोलॉजी: एक बटन दबाते ही रंगों की तेज बौछार — मानो रंगों की बारिश हो रही हो।

वैरायटी की भरमार: टैंक पिचकारी, फव्वारा, गन मॉडल और बच्चों के चहेते छोटा भीम थीम वाले उत्पाद सबसे ज्यादा बिक रहे हैं।

दुकानदारों के अनुसार, बच्चे इस बार “बड़ी पिचकारी, बड़ा धमाका” के मूड में हैं, जिससे बिक्री में जबरदस्त उछाल की उम्मीद है।

जहां बाजार में रौनक है, वहीं प्रशासन भी पूरी सतर्कता बरत रहा है।यही वजह है कि इस बार बाजार में मुखौटों की संख्या बेहद कम दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, हर्बल गुलाल की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष कीमतों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे ग्राहकों में उत्साह और बढ़ गया है।



नगर के भीतर लगभग 50 बड़े स्टाल लगाए गए हैं। रंग, पिचकारी, अबीर, टोपियां और त्योहार से जुड़े अन्य सामानों की बिक्री जोरों पर है। व्यापारी वर्ग को उम्मीद है कि होली तक बाजार में लाखों रुपये का कारोबार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

रंगों के संग जिम्मेदारी का संदेश

त्योहार की उमंग के बीच प्रशासन ने शांति, सौहार्द और सुरक्षित होली मनाने की अपील की है। स्वच्छ, हर्बल रंगों का उपयोग और नियमों का पालन इस बार की होली को और भी खास बना सकता है।

नगरी में इस बार होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि उत्साह, कारोबार और सजग प्रशासन का भी संगम बनती नजर आ रही है।


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