दुगली की सबसे बुजुर्ग महिला मालती बाई टांडेश को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
उत्तम साहू
नगरी/ दुगली। ग्राम दुगली की सबसे बुजुर्ग महिला मालती बाई टांडेश का शुक्रवार को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
मालती बाई टांडेश ने अपने जीवन के अमूल्य सौ वर्षों में देश के स्वतंत्रता पूर्व और स्वतंत्रता पश्चात दोनों कालखंडों को देखा। उनका जीवन अनुभव और सामाजिक योगदान ग्राम के लिए प्रेरणास्रोत रहा। वे गांव की वरिष्ठतम बुजुर्गों में शामिल थीं और तीन पीढ़ियों के बीच उनका स्नेह और मार्गदर्शन निरंतर बना रहा।
उनकी अंतिम यात्रा में गंधर्व समाज के लोग, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मालती बाई स्वर्गीय पतिराम टांडेश की पत्नी थीं। उनके चार पुत्र, तीन पुत्रियां, चौदह नाती-नातिन एवं ग्यारह पोते-पोतियां हैं। वे मायाराम टांडेश और बसंत कुमार टांडेश की माता, ग्राम दुगली कौव्हाबाहरा के कोटवार बलराम डोंगरे एवं अंगार मोती सेवा समिति दुगली के महासचिव मनहरण डोंगरे की दादी थीं।
ग्राम में उनके परिवार का सामाजिक योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।
अंतिम यात्रा में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजाराम मंडावी, सर्व आदिवासी समाज जिला धमतरी के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र राज ध्रुव, वन प्रबंधन समिति दुगली के अध्यक्ष शंकरलाल नेताम, सरपंच रामेश्वर मरकाम सहित गणेश राम नागर्ची, शंकरलाल देवदास, तुलसी राम मरकाम, नारायण नागेश, कोमल सिंह बघेल, बीरबल सोनवानी, भिखारी राम सोनवानी, जितेंद्र मरकाम, सूर्या सलाम, हलालखोर सोरी सहित अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया।
गांव के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका सादा जीवन, सामाजिक जुड़ाव और अनुभव हमेशा स्मरणीय रहेगा।

