फुटहामुड़ा नहर परियोजना से बदलेगी कुकरेल क्षेत्र की सिंचाई तस्वीर, 22 गांवों को मिलेगा लाभ

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फुटहामुड़ा नहर परियोजना से बदलेगी कुकरेल क्षेत्र की सिंचाई तस्वीर, 22 गांवों को मिलेगा लाभ



कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने प्रभावित गांवों के किसानों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं


उत्तम साहू 

धमतरी, 21 अप्रैल 2026। कुकरेल क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर परियोजना पूरी होने के बाद इलाके की सिंचाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने परियोजना प्रभावित गांवों के किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही लंबित मुआवजा प्रकरणों का जल्द निराकरण करने पर भी जोर दिया।

सोमवार को कलेक्टर ने माकरदोना, मोहलई, पथर्रीडीह, छुही और साल्हेभाट के किसानों की बैठक लेकर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान लाभान्वित किसान भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि योजना पूरी होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती को नया संबल मिलेगा।

73.94 करोड़ की परियोजना, 1940 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित


कार्यपालन अभियंता जल संसाधन श्री हेमलाल कुरेशिया ने बताया कि नगरी विकासखंड में सिलयारी डायवर्सन वियर एवं फुटहामुड़ा नहर निर्माण के लिए प्रारंभिक स्वीकृति 17.56 करोड़ रुपये थी, जिसे संशोधित कर अब 73.94 करोड़ रुपये किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 1940 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित होगी तथा कुकरेल क्षेत्र के 22 गांव सीधे लाभान्वित होंगे।

निर्माण कार्य जारी, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के तहत मुख्य नहर की कुल लंबाई 19.74 किलोमीटर तथा लघु नहरों की लंबाई 18.61 किलोमीटर निर्धारित है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में नहर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। कुछ हिस्सों में 20 प्रतिशत और कुछ भागों में 15 प्रतिशत तक भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। संपूर्ण निर्माण कार्य एवं नहर लाइनिंग का लक्ष्य 4 मार्च 2027 तक रखा गया है।

किसानों ने रखीं समस्याएं, कलेक्टर ने दिया समाधान का भरोसा

बैठक में किसानों ने मुआवजा भुगतान में देरी, भूमि अधिग्रहण से जुड़ी दिक्कतें और निर्माण कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कलेक्टर मिश्रा ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करते हुए परियोजना को जल्द पूरा किया जाएगा। यह योजना क्षेत्र के कृषि विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।

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