5 साल की बच्ची से दुष्कर्म बोरे में मिली मासूम, हैवानित की हदें पार.. आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग, क्या यह हमारा 'विकसित' छत्तीसगढ़ है? जहां पांच साल की मासूम स्कूल से लौटते ही शराबी हैवान के चंगुल में फंस जाती है, दुष्कर्म की भयानक त्रासदी झेलती है और बोरे में बांधकर झाड़ियों में फेंक दी जाती है! उतई थाना क्षेत्र से निकला यह खौफनाक मामला हर संवेदनशील दिल को चीर देगा। धनेश्वर साहू उर्फ जनता साहू (40)—एक नशेड़ी—ने बहला-फुसलाकर मासूम को घर ले जाकर नृशंसता की सारी सीमाएं तोड़ दीं। मुंह तकिया कवर से बंधा, डरी-सहमी बच्ची ग्रामीणों की नजर में आई तो सन्नाटा छा गया। अस्पताल पहुंची, डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो किया, लेकिन क्या यही न्याय है?
गुरुवार दोपहर 11 बजे स्कूल से लौटी बच्ची दुकान गई, दो घंटे बाद लापता। परिजन तड़पे, ग्रामीण भटके। कुएं किनारे खंडहर घर के पास झाड़ियों में बोरी हिली—खोली तो खुलासा! इतनी क्रूरता कि शैतान भी शरमा जाए। आरोपी ने नशे में हैवानियत दिखाई, दुष्कर्म के बाद बोरे में ठूंस फेंका। क्या यह पहला केस है? नहीं! छत्तीसगढ़ में बच्चियों पर अत्याचार की बाढ़ आ चुकी है—हर रोज ऐसी खबरें, हर बार वही ढाक के तीन पात। प्रशासन सोता रहा, पुलिस पहुंची तो आरोपी भागा नहीं—फिर भी न्याय कब?
समाज का आईना टूटा: यह सिर्फ एक दुष्कर्म नहीं, समाज की सड़ांध है। शराबी घूमते हैं आजाद, बच्चियां असुरक्षित। ग्रामीण इलाकों में निगरानी कहां? स्कूल-दुकान के रास्ते में हैवान छिपे हैं। सरकार के 'बेटी बचाओ' नारे हवा में उड़ रहे। फास्ट-ट्रैक कोर्ट कहां? POCSO एक्ट का डर कब पैदा होगा? जनता साहू जैसे सैकड़ों आजाद घूम रहे कब जागेगा सिस्टम? परिजनों का दर्द, ग्रामीणों का आक्रोश—सब व्यर्थ? नहीं! अब समय है सख्त सजा का, फांसी तक। बच्चियों की चीखें दबने न दें!
पुलिस जांच जारी, पीड़िता का इलाज चल रहा। लेकिन सवाल वही: कब बदलेगा यह क्रूर चेहरा? छत्तीसगढ़, जागो!

