एक्सप्रेसवे पर खौफनाक मंजर, चलती कार बनी आग का गोला, 5 लोग ज़िंदा जले
अलवर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास दौड़ती कार अचानक आग की लपटों में घिर गई और कुछ ही पलों में जलती चिता में बदल गई। अंदर बैठे एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए, किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि यह परिवार श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव का रहने वाला था और वैष्णो देवी मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहा था। रात करीब 11 बजे, जैसे ही कार एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 115/300 के पास पहुंची, अचानक उसमें आग भड़क उठी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चलने वाली थी। आशंका है कि सीएनजी गैस के रिसाव ने चिंगारी को आग में बदल दिया,और फिर देखते ही देखते पूरी गाड़ी लपटों में समा गई।
हादसे के वक्त अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया। मृतकों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक मासूम बच्ची शामिल हैं।
इस बीच, चालक विनोद कुमार ने जान बचाने के लिए चलती कार से छलांग लगा दी। उसकी जान तो बच गई, लेकिन वह करीब 80% तक झुलस गया। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शव पूरी तरह जल चुके थे और पहचान करना मुश्किल हो गया। अब डीएनए टेस्ट के जरिए मृतकों की पहचान की जाएगी। मौके पर फॉरेंसिक टीम और मेडिकल स्टाफ ने जांच शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। दो दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते रहे।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और तकनीकी लापरवाही के खतरों की याद दिलाता है,जहां एक छोटी सी चूक पूरे परिवार की जिंदगी छीन लेती है।

