नेपाल में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों समेत 100 से अधिक मंत्रियों की संपत्ति जांच के आदेश
काठमांडू, 17 अप्रैल। नेपाल सरकार ने भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2006 के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे नेताओं, मंत्रियों और उच्च अधिकारियों की संपत्ति जांच कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री Balendra Shah की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पांच सदस्यीय आयोग के गठन को मंजूरी दी गई।
सरकारी प्रवक्ता Sasmit Pokharel ने बताया कि आयोग कानूनी, साक्ष्य आधारित और निष्पक्ष तरीके से जांच करेगा। आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों को संबंधित निकायों के माध्यम से लागू किया जाएगा।
इस जांच के दायरे में नेपाल के सात पूर्व प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इनमें Pushpa Kamal Dahal, Sher Bahadur Deuba, K. P. Sharma Oli, Baburam Bhattarai, Madhav Kumar Nepal, Jhala Nath Khanal और Sushil Koirala के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा 100 से अधिक पूर्व मंत्रियों और कई वरिष्ठ नौकरशाहों की संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।
सरकार के इस फैसले को नेपाल की राजनीति में बड़ा सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। लंबे समय से भ्रष्टाचार, दंडहीनता और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से पूरी हुई, तो नेपाल की राजनीति में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और जवाबदेही की नई मिसाल स्थापित होगी।

