जिला प्रशासन की नई पहल: डूबान क्षेत्रों में लिंक कोर्ट शुरू, अब गांव में ही मिलेगा त्वरित न्याय
अकलाडोंगरी में हुआ शुभारंभ, राजस्व प्रकरणों का मौके पर निराकरण—ग्रामीणों को बड़ी राहत
जिले के डूबान प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए लिंक कोर्ट की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के तहत अब ग्रामीणों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उनके गांव में ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
इस पहल का शुभारंभ आज ग्राम पंचायत भवन अकलाडोंगरी में किया गया, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। पीठासीन अधिकारी (अतिरिक्त तहसीलदार) की उपस्थिति में विभिन्न राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।
मौके पर ही निपटे कई प्रकरण
लिंक कोर्ट के प्रथम दिवस पर वन अधिकार पत्रक सुधार के तहत एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आवेदक के निधन के बाद उनके वारिसों का नाम सफलतापूर्वक दर्ज किया गया। इसके अलावा फौती नामांतरण के तीन मामलों में त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्यवाही प्रारंभ की गई। चार अन्य मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर त्रुटि सुधार की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी कर दी गई।
इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र एवं भूमि सीमांकन के लिए दो नए आवेदन भी प्राप्त हुए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को खाता विभाजन, नामांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं की सरल भाषा में जानकारी देकर जागरूकता भी बढ़ाई।
हर गुरुवार लगेगा लिंक कोर्ट
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अकलाडोंगरी में प्रत्येक गुरुवार को नियमित रूप से लिंक कोर्ट आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और ग्राम स्तरीय तंत्र के माध्यम से इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसका लाभ उठा सकें।
“न्याय आपके द्वार” की ओर मजबूत कदम
यह पहल न केवल ग्रामीणों के समय और धन की बचत करेगी, बल्कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई को भी बढ़ावा देगी। साथ ही प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास मजबूत होगा। डूबान क्षेत्रों के लिए यह लिंक कोर्ट व्यवस्था “न्याय आपके द्वार” की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।

