राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और गति पर जोर, अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर
उत्तम साहू
धमतरी, 28 अप्रैल 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज मूक-बधिरार्थ कन्या विद्यालय में जिले के सभी विकासखंडों के अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली में गति, पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए और अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर जमीनी हकीकत का आकलन करने और अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार की शासकीय भूमि—चाहे वह घास भूमि हो, वन भूमि हो या अन्य महत्वपूर्ण भूमि—पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा कोटवारी भूमि की खरीदी-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पटवारियों को बड़े भूखंडों की विस्तृत जानकारी तैयार कर कैफियत में दर्ज करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर ने डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि तकनीक के जरिए राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों के लंबित पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने और योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जाए। किसी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहरी, एसडीएम धमतरी श्री पीयूष तिवारी, एसडीएम कुरूद श्री नभ सिंह कोसले, उपसंचालक कृषि श्री मोनेश साहू, भू-अभिलेख शाखा के श्री दीपचंद भारती सहित जिले के सभी तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित रहे।

