डीएमएफ कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर, धमतरी में शासी परिषद की बैठक सम्पन्न
उत्तम साहू
धमतरी, 13 अप्रैल 2026। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री भोजराज नाग, विधायक श्री ओंकार साहू, विधायक श्रीमती अम्बिका मरकाम, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डीएमएफ की गाइडलाइन, नियम एवं प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा स्वीकृत कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन और समय-समय पर निरीक्षण किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि उच्च प्राथमिकता (70 प्रतिशत) श्रेणी में कुल 52 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 23 पूर्ण, 21 प्रगतिरत, 5 अप्रारंभ और 3 निरस्त हैं। इस श्रेणी में 643.08 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 245.35 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। शिक्षा, कौशल विकास, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
इसी प्रकार अन्य प्राथमिकता (30 प्रतिशत) श्रेणी में 38 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 19 पूर्ण और 18 प्रगतिरत हैं। इस श्रेणी में 424.85 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 294.75 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। परिषद ने भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई और ऊर्जा विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागवार वार्षिक कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन भी किया गया। साथ ही डीएमएफ एवं प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के अंतर्गत खनन से प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों का बेसलाइन सर्वे कराकर पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना बनाने का निर्णय लिया गया।
सांसद श्रीमती चौधरी ने सभी लंबित एवं अप्रारंभ कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र शुरू करने, प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग जिले के समग्र विकास और खनिज प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।

