कांग्रेस दफ्तर में घमासान: नेताओं की भिड़ंत में टूटी कुर्सियां, बिखरी अनुशासन की धज्जियां
महासमुंद में सियासी तापमान उस वक्त अचानक बढ़ गया, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला कार्यालय में नेताओं के बीच विवाद ने उग्र रूप ले लिया। गुरुवार को महंगाई के मुद्दे पर आयोजित प्रेसवार्ता के बाद माहौल इतना गरमा गया कि बात बहस से निकलकर हाथापाई और तोड़फोड़ तक पहुंच गई।
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति को लेकर असंतोष पनप रहा था। इसी मुद्दे पर पूर्व जिला कोषाध्यक्ष निर्मल जैन और वर्तमान जिला उपाध्यक्ष व पार्षद विजय साव के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर मारपीट में तब्दील हो गया।
हंगामे के दौरान कार्यालय के भीतर कुर्सियां तोड़ी गईं और कांच के सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया।
जिला अध्यक्ष ने घटना को गंभीर मानते हुए कहा है कि पूरे मामले की रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर भेजी जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ पार्टी अनुशासन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से प्रदेश में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं लगातार तेज रही हैं। ऐसे में यह घटना न सिर्फ आंतरिक कलह को उजागर करती है, बल्कि पार्टी संगठन के सामने खड़ी चुनौतियों को भी साफ तौर पर सामने लाती है।

