ग्रामों में लोकतंत्र की गूंज: पंचायती राज दिवस पर धमतरी बना जनभागीदारी का उदाहरण
उत्तम साहू
धमतरी, 28 अप्रैल 2026। पंचायती राज दिवस के मौके पर धमतरी जिले में गांव-गांव लोकतंत्र का जीवंत उत्सव देखने को मिला। 24 अप्रैल से शुरू हुए ग्राम सभाओं के इस व्यापक अभियान ने न सिर्फ विकास की दिशा तय की, बल्कि लोगों को अपने गांव की जिम्मेदारी खुद उठाने का संदेश भी दिया।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इन ग्राम सभाओं में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, महिला समूह, किसान और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। गांवों में जुटी भीड़ ने यह साफ संकेत दिया कि अब विकास सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनता जा रहा है।
कार्यक्रमों के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचारों को याद करते हुए पंचायतों को लोकतंत्र की नींव बताया गया। यह भी रेखांकित किया गया कि जब निर्णय गांव के लोग खुद लेते हैं, तभी असली बदलाव संभव होता है।
ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई। खास बात यह रही कि ग्रामीणों ने खुलकर अपनी राय रखी और योजनाओं को और बेहतर बनाने के सुझाव दिए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई।
मनरेगा के तहत भविष्य की कार्ययोजना पर भी गंभीर चर्चा हुई। जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, नाला सुधार, वृक्षारोपण और ग्रामीण सड़कों के निर्माण जैसे प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इन प्रयासों से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
इस पूरे आयोजन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका बेहद प्रभावशाली रही। बिहान से जुड़ी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, छोटे व्यवसाय और पोषण से जुड़े अनुभव साझा किए। वहीं युवाओं ने शिक्षा, खेल, डिजिटल साक्षरता और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता मिली। कई गांवों में श्रमदान, पौधरोपण और प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाए गए। साथ ही सामाजिक न्याय और पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पंचायतें शासन और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं, जबकि सीईओ श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने पंचायतों के सशक्तिकरण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
कुल मिलाकर, धमतरी में मनाया गया यह पंचायती राज दिवस सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि गांवों के जागरूक और संगठित होने का प्रमाण बन गया। यह पहल बताती है कि जब लोग खुद विकास की कमान संभालते हैं, तो बदलाव तेज, प्रभावी और स्थायी होता है।

