नगरी: नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ पर भाजपा नेता आलोक सिन्हा का बड़ा बयान, VIP सुरक्षा हटाने की मांग
उत्तम साहू
नगरी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सभापति आलोक सिन्हा ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों की बहादुरी और आम जनता के सहयोग का परिणाम है, जिससे प्रदेश अब शांति और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
आलोक सिन्हा ने अपने जारी बयान में कहा कि जब छत्तीसगढ़ को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है, तो प्रदेश में वीआईपी संस्कृति के तहत दी जा रही विशेष सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद तथा निगम-मंडलों में पदासीन नेताओं को दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था को अतिशीघ्र समाप्त किया जाए।
उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब राज्य में नक्सल गतिविधियां समाप्त हो चुकी हैं और आम नागरिक बिना किसी भय के कहीं भी आवागमन कर सकते हैं, तो जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष सुरक्षा बनाए रखना अब औचित्यपूर्ण नहीं रह जाता। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
सिन्हा ने आगे कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस बल को आम जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने में लगाया जाना अधिक आवश्यक है। इससे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा जनता में विश्वास भी बढ़ेगा।
उन्होंने राज्य सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है, ताकि प्रदेश में समानता और पारदर्शिता का संदेश जाए तथा संसाधनों का सही दिशा में उपयोग सुनिश्चित हो सके।

