शराब माफियाओं पर ढिलाई पड़ी भारी: थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित

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शराब माफियाओं पर ढिलाई पड़ी भारी: थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित



अभनपुर। गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण नहीं कर पाने और कार्रवाई के दौरान संदिग्ध भूमिका निभाने के आरोप में थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। थाना प्रभारी को कई बार कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया।

छापे के दौरान बढ़ा संदेह

मामला तब तूल पकड़ गया जब एसीसीयू रायपुर की देहात टीम ने 29 मई को गोबरा नवापारा में कथित शराब कारोबारी लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर दबिश दी। छापेमारी में अवैध शराब बिक्री की पुष्टि होने के बाद थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे।

आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उन्होंने अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई और आरोपी से अलग हटकर बातचीत की। इस घटनाक्रम को उच्च अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और उनके आचरण को संदेहास्पद माना।

एसपी ने दिखाई सख्ती

प्राथमिक जांच में क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण में विफलता और संदिग्ध कार्यशैली सामने आने के बाद एसपी ने तत्काल निलंबन का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि में दीपेश जायसवाल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है।

स्पष्ट संदेश

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की "जीरो टॉलरेंस" नीति के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि कानून-व्यवस्था और अवैध कारोबार के मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही या संदिग्ध भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान में केवल आरोपियों ही नहीं, बल्कि कर्तव्य निर्वहन में चूक करने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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