🌿 बरगद पेड़ के छांव बना जनसंवाद का केंद्र : सुशासन तिहार में चंदागढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 🌿
रायपुर। शासन जब जनता के बीच उतरता है, तो भरोसा और संवाद अपने आप मजबूत हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला सुशासन तिहार के दौरान, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के सुदूर वनांचल गांव चंदागढ़ पहुंचे।
हेलीकॉप्टर की गूंज के साथ जैसे ही मुख्यमंत्री गांव में उतरे, ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पारंपरिक आत्मीय स्वागत ने माहौल को पूरी तरह जनमय बना दिया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने दौरे की शुरुआत पत्थलगांव विकासखंड के भैंसामुड़ा गांव स्थित बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना से की। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके बाद गांव के बीच खड़े विशाल बरगद के पेड़ की ठंडी छांव में जनचौपाल सजी—जहां सरकार और जनता आमने-सामने थे, बिना किसी औपचारिक दूरी के।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा—“सुशासन तिहार का मकसद सरकार को जनता के दरवाजे तक लाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो सके।”
जनचौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए राशन, नमक-शक्कर की उपलब्धता, पेयजल, बिजली, पटवारी से जुड़ी समस्याओं सहित रोजमर्रा की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश देकर उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि शिकायतें सिर्फ सुनी ही नहीं, बल्कि तय समय में हल भी हों।
इस दौरान चंदागढ़ में न सिर्फ एक जनसभा लगी, बल्कि यह एक ऐसा मंच बना जहां शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही साफ तौर पर नजर आई—बरगद की छांव में सजी इस चौपाल ने सुशासन की परिभाषा को जमीनी रूप दे दिया।

