पेंशन और मकान के लालच में पिता की हत्या: 6 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटा-बेटी को फांसी
मामला वर्ष 2019 का है, जब 70 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि मृतक के बेटे और बेटी ने पेंशन तथा मकान पर कब्जा करने की नीयत से अपनी मां के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। आरोपियों ने पहले पिता को खाने में जहर देकर मौत के घाट उतारा और फिर पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के कई टुकड़े कर उन्हें बाल्टियों में भरकर घर के भीतर ही छिपा दिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से लगातार दुर्गंध आने लगी। पड़ोसियों को संदेह होने पर घर में प्रवेश किया गया, जहां मानव अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में मृतक की पत्नी, बेटे और बेटी को गिरफ्तार कर लिया।
लंबी सुनवाई के बाद मल्काजगिरि की अदालत ने मामले को "दुर्लभतम में दुर्लभ" श्रेणी का अपराध मानते हुए बेटे और बेटी को मृत्युदंड तथा पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह मामला एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को सामने लाता है कि संपत्ति और धन के लालच में कुछ लोग रिश्तों की सभी मर्यादाएं लांघने से भी पीछे नहीं हटते। अदालत के फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय और समाज के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

