धमतरी: सड़क हादसे में ठेकेदार की मौत के बाद बवाल, ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम, पुलिसकर्मियों और एम्बुलेंस पर हमला
उत्तम साहू,धमतरी जिले के कुरुद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उमरदा में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में एक स्थानीय ठेकेदार की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर घंटों तक चक्काजाम किया और जमकर प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने एक निजी एम्बुलेंस में तोड़फोड़ कर दी और उसके चालक के साथ मारपीट की. बीच-बचाव करने पहुंचे एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सहित तीन पुलिसकर्मी भी इस झड़प में घायल हो गए हैं.
अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय ठेकेदार लीला राम अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहे थे. इसी दौरान ग्राम उमरदा के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि लीला राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर बैठा दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल शख्स को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है.
शव सड़क पर रख ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
जैसे ही इस सड़क दुर्घटना की खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्रित हो गए. लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मृतक के शव को बीच सड़क पर रख दिया और चक्काजाम शुरू कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण आए दिन इस तरह की जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
एम्बुलेंस में तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला
घटना के बाद शव को अस्पताल ले जाने के लिए तीन सरकारी एम्बुलेंस मौके पर पहुंची थीं, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया. इसके बाद जब एक निजी एम्बुलेंस वहां पहुंची, तो कुछ उग्र लोगों ने उस वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी और उसके ड्राइवर को पीट दिया.
हालात को काबू में करने पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. कुरुद थाना प्रभारी अवध राम साहू ने बताया कि उग्र भीड़ को शांत करने और बीच-बचाव करने के दौरान एक एएसआई (ASI) समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए.
कई थानों की पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तुरंत डायल-112 की टीम, पेट्रोलिंग स्टाफ और आसपास के तीन थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ काफी देर तक चर्चा की और उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया.
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उचित कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने के ठोस आश्वासन के बाद, ग्रामीण शांत हुए और कई घंटों से चल रहा चक्काजाम समाप्त किया गया.
पुलिस कर रही है मामले की जांच
चक्काजाम खत्म होने के बाद पुलिस ने ठेकेदार के शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है. इसके साथ ही, प्रदर्शन के दौरान एम्बुलेंस में की गई तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट व शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना की भी अलग से गहन जांच की जा रही है.

