उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार किसान की तकदीर, खीरे की खेती से बढ़ी आय
वैज्ञानिक खेती अपनाकर बने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा, 4 एकड़ में उगाई लाभकारी फसल
उत्तम साहू,धमतरी, 30 जून 2026। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेलबहरा के विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के प्रगतिशील कृषक श्री खीमांशु गजेसिंग ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है। वैज्ञानिक पद्धति से की गई खीरे की व्यावसायिक खेती ने उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
करीब 10 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री गजेसिंग ने इस वर्ष 4 एकड़ में खीरे की खेती की। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उन्नत खेती की तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीजों का चयन, संतुलित पोषण प्रबंधन, सिंचाई, पौध संरक्षण तथा फसल प्रबंधन संबंधी आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। विभागीय सहयोग से उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया, जिससे उत्पादन और फसल की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
श्री गजेसिंग बताते हैं कि पहले पारंपरिक खेती से सीमित आय होने के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल होता था। लेकिन वैज्ञानिक खेती अपनाने के बाद अब खीरे की फसल उनकी आय का प्रमुख स्रोत बन गई है। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी उनकी उपज की अच्छी मांग है, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिल रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के नियमित मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं के सहयोग से उन्हें खेती को नए नजरिए से समझने का अवसर मिला। अब वे भविष्य में अन्य उद्यानिकी फसलों का भी विस्तार करने और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
श्री खीमांशु गजेसिंग की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो सीमित संसाधनों में भी खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उद्यानिकी विभाग किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

