नदी-नाले पार कर रिसगांव पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों की सुनी पीड़ा
सीतानदी-उदंती के 42 गांवों की समस्याओं पर हुई चर्चा, मुख्यमंत्री और वन मंत्री तक मांगें पहुंचाने का दिया भरोसा
उत्तम साहू,नगरी। धमतरी जिले के अंतिम छोर स्थित सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व एवं अभयारण्य क्षेत्र के ग्राम रिसगांव में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और मांगों पर विस्तृत चर्चा की। कच्ची सड़कों और नदी-नालों को पार कर गांव पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष ने क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर प्रभावी पहल का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के करीब 42 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने 22 जून को धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचकर मूलभूत सुविधाओं, संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण और विभिन्न लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन को किसान मजदूर संघर्ष समिति, अभयारण्य संघर्ष समिति बोराई क्षेत्र, अभयारण्य संघर्ष समिति बहीगांव उदंती क्षेत्र सहित कई सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ था। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग प्रमुखता से उठाई थी।
आंदोलन के दूसरे दिन आयोजित चर्चा कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
ईको-टूरिज्म और होम-स्टे से रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल
अरुण सार्वा ने कहा कि क्षेत्र में ईको-टूरिज्म, जंगल सफारी और होम-स्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र की सभी प्रमुख मांगों और समस्याओं से मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री को अवगत कराया जाएगा तथा प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराकर ग्रामीणों की वास्तविक स्थिति और आवश्यकताओं को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
वन सभापति अजय धुव ने भी दिया समर्थन का भरोसा
जिला पंचायत वन सभापति अजय धुव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के निवासियों की मूलभूत आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया, बिजली सहित अन्य सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा ताकि क्षेत्रवासियों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की आवाज बनकर उनकी मांगों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए हरसंभव सकारात्मक पहल करेंगे।
आवास योजना में भेदभाव का आरोप, ग्रामीणों ने रखी शिकायत
चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने रखीं। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में स्वीकृत होने वाले आवासों के संबंध में वन विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है, जिसके कारण पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से उन्हें योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर सरपंच चंद्रकुमार आगवानी, सरपंच बीरबल पद्माकर, पंचम कश्यप, हरेराम भंडारी, उपसरपंच कुबेर भंडारी, धनेश मरकाम, मोती कोमरा, गणपत नेताम, धरमु नाग, प्रभाष नाग, शीतल नेताम, बंधन नेताम, रामसिंह, मोतीराम, सुखचंद नेताम, विधान सिंह नेताम, सुकालू सहित ग्राम पंचायत करही एवं रिसगांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत वन सभापति अजय धुव, जनपद पंचायत सदस्य राजू गोसाई, बबलू साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
ग्रामीणों ने क्षेत्र के समग्र विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और वर्षों से लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष अपनी अपेक्षाएं रखीं तथा त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई।

