पे-डेटा भेजने के बदले मांगी 1 लाख की ‘फीस’, ACB ने सिविल सर्जन को स्कॉर्पियो में ही दबोचा
फरवरी से जून तक का पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के एवज में प्रति माह 20 हजार रुपये की रिश्वत का आरोप
सक्ती। सरकारी व्यवस्था में फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगना जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन को भारी पड़ गया। बिलासपुर ACB की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सक्ती जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल सक्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर अटैचमेंट में कार्यरत गंगा प्रसाद रत्नाकर की मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय, पोरथा में है। आरोप है कि उनके फरवरी से जून 2026 तक के पे-डेटा को सीएमएचओ कार्यालय भेजने के बदले प्रभारी सिविल सर्जन ने प्रति माह 20 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने बिलासपुर ACB से शिकायत की। जांच और शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद ACB टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर डभरा कॉलेज मोड़ के पास बुलाया। जैसे ही डॉ. पटेल स्कॉर्पियो वाहन में पहुंचे और 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
ACB टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

