टाइगर रिजर्व के 34 गांवों के विकास का रोडमैप तैयार, वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की पहल तेज
कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संघर्ष समिति की अहम बैठक; सड़क, पुल, बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास पर बनी कार्ययोजना
उत्तम साहू, नगरी,धमतरी, 3 जुलाई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 34 प्रभावित गांवों की वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए विकास का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में नगरी जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा और पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कर प्राथमिकताओं के आधार पर कार्ययोजना बनाने पर सहमति जताई।
बैठक में संघर्ष समिति ने बताया कि क्षेत्र के ग्रामीण दो से तीन दशकों से बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वन एवं न्यायालय से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कारण कुछ कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन जिन योजनाओं को तत्काल क्रियान्वित किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
सड़क और पुल निर्माण को मिलेगी प्राथमिकता
कलेक्टर ने बताया कि अरसीकन्हार-रिसगांव सड़क के निर्माण के प्रयास जारी हैं, जबकि बेलरगांव-बोरई सड़क स्वीकृत हो चुकी है। वर्षा के दौरान संपर्कविहीन हो जाने वाले गांवों में सबसे पहले पुल-पुलिया और स्टील ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा, ताकि पूरे वर्ष आवागमन सुगम बना रहे।
सौर ऊर्जा से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
क्रेडा अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व के 19 गांव सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत हैं। अब 30 वाट क्षमता को बढ़ाकर 700 वाट करने की स्वीकृति मिल चुकी है। खराब बैटरियां बदली जा चुकी हैं तथा शेष गांवों का पुनः सर्वे कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
आवास, छात्रावास और आंगनबाड़ी निर्माण पर जोर
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वन क्षेत्रों में भी आवास निर्माण कराया गया है तथा पात्र हितग्राहियों को आगे भी लाभ दिया जाएगा। वहीं रिसगांव छात्रावास को एक वर्ष के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि लीलांज में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण जारी है।
वन संरक्षण और विकास के बीच संतुलन
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डीएफओ वरुण जैन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कोर क्षेत्र में स्थायी पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। हालांकि ग्रामीणों की सहमति और नियमानुसार कच्ची सड़कें बनाई जा सकती हैं। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
पर्यटन से खुलेगा रोजगार का नया रास्ता
कलेक्टर ने कहा कि मांदागिरी, एकावारी और मेचका जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। होमस्टे, स्थानीय गाइड और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। प्रस्तावित महानदी कॉरिडोर से क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वनग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में पहल
बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग पर कलेक्टर ने कहा कि धमतरी प्रदेश में सबसे अधिक वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने वाला जिला है। सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और वन मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात भी कराई जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि
बैठक में विधायक अंबिका मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जनपद अध्यक्ष महेश गोटा, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, श्रवण मरकाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पाण्डेय, एसडीएम प्रीति दुर्गम, जनपद सीईओ, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, संघर्ष समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
- 34 गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन ने तैयार किया विकास रोडमैप।
- सड़क, पुल, बिजली, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष फोकस।
- 19 गांवों में सौर ऊर्जा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत।
- रिसगांव छात्रावास एक वर्ष में शुरू करने का लक्ष्य।
- ईको-टूरिज्म और महानदी कॉरिडोर से स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
- वन संरक्षण और ग्रामीण विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगा प्रशासन।


