37 वर्षों की गौरवशाली पुलिस सेवा के बाद निरीक्षक नागेश तिवारी सेवानिवृत्त,
18 साल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निभाई जिम्मेदारी
कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना प्रभारी निरीक्षक नागेश तिवारी शुक्रवार को लगभग 37 वर्षों की गौरवपूर्ण पुलिस सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं दीं और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन निवासी तथा कृषक परिवार से आने वाले नागेश तिवारी वर्ष 1990 में आरक्षक के रूप में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के बल पर उन्होंने पदोन्नति प्राप्त करते हुए निरीक्षक के पद तक का सफर तय किया।
सेवा के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के करीब 27 थानों में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनका सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यकाल बस्तर संभाग में रहा, जहां नक्सल प्रभावित सातों जिलों में उन्होंने लगभग 18 वर्षों तक सेवाएं दीं। इस दौरान वे लगातार नक्सलियों के निशाने पर रहे, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ किया।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर निरीक्षक तिवारी ने कहा कि पुलिस विभाग ने उन्हें पहचान, सम्मान और समाज सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कहा, "मैं और मेरा परिवार आज जिस मुकाम पर हैं, वह पुलिस विभाग की बदौलत है। पुलिस में रहकर देश सेवा और समाज सेवा दोनों का अवसर मिलता है।" उन्होंने बताया कि उनके बेटे और बेटी दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि उनके दामाद डिजाइनिंग इंजीनियर हैं।
पाली की छह माह की पारी रही यादगार
निरीक्षक तिवारी ने पाली थाना प्रभारी के रूप में करीब छह माह तक कार्य किया और यहीं से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कहा कि पाली भगवान भोलेनाथ की नगरी है और चैतुरगढ़ स्थित मां महामाया का आशीर्वाद इस क्षेत्र पर बना हुआ है। यहां के लोग शांतिप्रिय हैं तथा जनप्रतिनिधि भी संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि पाली से जुड़ी यादें हमेशा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगी।
अब समाज सेवा और परिवार को देंगे समय
सेवानिवृत्ति के बाद निरीक्षक नागेश तिवारी ने परिवार के साथ समय बिताने, अपने गांव में रहने और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहने की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर पाली थाना स्टाफ, पुलिस अधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

