दहेज प्रताड़ना से तंग आकर नवविवाहिता ने दी थी जान, 4 महीने बाद पति सहित चार आरोपी गिरफ्तार
बालोद। गुरूर थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में बालोद पुलिस ने चार महीने की गहन जांच के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए पति, सास, ससुर और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जांच में दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना के पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को गुरूर की गुलमोहर कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाली 28 वर्षीय मीनाक्षी भतरिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद गुरूर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। इस दौरान मृतका के परिजनों, रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए तथा कॉल डिटेल सहित अन्य तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की गई।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी माया शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने विवेचना के दौरान पाया कि विवाह के बाद से मीनाक्षी को दहेज कम लाने की बात कहकर लगातार प्रताड़ित किया जाता था। इतना ही नहीं, उसके रंग-रूप को लेकर भी ताने दिए जाते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी।
जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति प्रवीण भतरिया, ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया और ननद करूणा चतुर्वेदानी के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद दुर्ग जिले के पथर्रा गांव में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर की गई है। मामले की विवेचना अभी भी जारी है और जांच के दौरान यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मामलों में पुलिस की साक्ष्य आधारित और संवेदनशील कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

