विकास की मिसाल बने तीन गांव, दिशा बैठक में उत्कृष्ट कार्यों पर पंचायतों का सम्मान
सांकरा, मेघा और दरबा ग्राम पंचायतों को जनभागीदारी, स्वच्छता, आजीविका और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिला जिला स्तरीय सम्मान
उत्तम साहू, नगरी,धमतरी, 2 जुलाई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक इस बार केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश करने वाली तीन ग्राम पंचायतों के सम्मान का साक्षी भी बनी। जिला प्रशासन की अनुशंसा पर विकासखंड नगरी की ग्राम पंचायत सांकरा, मगरलोड की ग्राम पंचायत मेघा और कुरूद की ग्राम पंचायत दरबा को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इन पंचायतों ने ग्रामीण विकास, जनभागीदारी, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, आजीविका संवर्धन और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर जिले के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। यही कारण है कि इन्हें जिले की 'आत्मनिर्भर पंचायत' की अवधारणा के सफल उदाहरण के रूप में सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में सांसद भोजराज नाग (कांकेर), सांसद रूपकुमारी चौधरी (महासमुंद), विधायक अंबिका मरकाम (सिहावा), विधायक ओंकार साहू (धमतरी), जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा तथा कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि गांवों के विकास की सबसे मजबूत कड़ी हैं। जब पंचायतें जनसहभागिता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारती हैं, तब गांवों में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। उन्होंने अन्य पंचायतों से भी इन मॉडल पंचायतों के नवाचारों और कार्यशैली से प्रेरणा लेकर विकास को नई गति देने का आह्वान किया।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन पंचायतों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने सम्मानित पंचायतों से भविष्य में भी इसी समर्पण और नवाचार के साथ कार्य करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।
बैठक में केंद्रीय एवं राज्य शासन की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को और गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
यह सम्मान केवल तीन पंचायतों का नहीं, बल्कि उन सभी ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है, जिन्होंने अपने गांव को विकास, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

