धमतरी में 'वीबी-जी राम' मिशन का शुभारंभ
गांवों की समृद्धि से होगा विकसित भारत का सपना..अरुण सार्वा
रोजगार, स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण को मिलेगा नया बल; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
उत्तम साहू धमतरी, 2 जुलाई। ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में धमतरी जिले ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जिले में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जी राम' का विधिवत शुभारंभ जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लेकर इस महत्वाकांक्षी मिशन का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि "विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हमारे गांव समृद्ध, आत्मनिर्भर और रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण होंगे।" उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला जनआंदोलन है, जो गांवों में रोजगार बढ़ाने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा।
यह कार्यक्रम कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू, जिला पंचायत सदस्य मोनिका देवांगन, धनेश्वरी साहू, पूजा सिन्हा, कुलेश्वरी गायकवाड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वीबी-जी राम मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, लघु उद्योग, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जाएंगे।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की अपील करते हुए कहा कि गांवों की समृद्धि ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बनेगी।
जिला पंचायत सदस्य मोनिका देवांगन ने कहा कि इस योजना से स्वयं सहायता समूहों को नई ऊर्जा मिलेगी। प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मिशन को ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
समारोह के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिशन के विभिन्न प्रावधानों, रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं, कौशल उन्नयन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं ने योजना के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं का पलायन भी कम होगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत परिसर में वीबी-जी राम मिशन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों ने किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक परियोजना अधिकारी धरम सिंह ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में 'वीबी-जी राम' मिशन धमतरी जिले के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है, जिससे गांवों की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

