जेल में आमने-सामने बैठे ढेबर, डड़सेना और रामगोपाल अग्रवाल... तीन घंटे चली पूछताछ
शराब घोटाले में ACB-EOW का बड़ा एक्शन, आरोपों पर कांग्रेस नेता का जवाब—‘लेन-देन से कोई संबंध नहीं’
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई तेज हो गई है। कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपों से घिरे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से ACB-EOW ने जेल में पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उन्हें शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर और उनके करीबी माने जाने वाले अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना के सामने बैठाकर पूछताछ की।सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने कथित वित्तीय लेन-देन और घोटाले की रकम के ट्रांसफर से जुड़े सवाल किए। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल ने पूछताछ के दौरान आरोपों को खारिज करते हुए किसी भी तरह के लेन-देन से लगातार इनकार किया।
52 करोड़ के ट्रांसफर पर पूछताछ
जांच एजेंसी के अनुसार, कोयला घोटाले से जुड़े करीब 52 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर में देवेंद्र डड़सेना की भूमिका की जांच की जा रही है। डड़सेना राजीव भवन में अकाउंट से जुड़े कार्य देखते थे और उन्हें रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता रहा है।
इसी कड़ी में दोनों को आमने-सामने बैठाकर करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। एजेंसी का दावा है कि कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल इन आरोपों से लगातार इनकार कर रहे हैं।
शराब घोटाले में 3400 करोड़ के कथित घोटाले का दावा
तीन साल तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने 7 जुलाई को ACB-EOW कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें पहले कोयला घोटाला मामले में रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार कर लिया।
इसी मामले में रविवार को जांच एजेंसी उन्हें सेंट्रल जेल लेकर पहुंची, जहां अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है।
रकम के नेटवर्क को लेकर जांच
जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब घोटाले से जुड़ी रकम कथित तौर पर अनवर ढेबर के माध्यम से रामगोपाल अग्रवाल और अन्य लोगों तक पहुंचती रही। हालांकि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने अपने माध्यम से किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन से इनकार किया है।
अब जांच एजेंसी कथित रकम के नेटवर्क, आपसी संपर्क और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
22 जुलाई को विशेष अदालत में पेशी
ACB-EOW की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल को बुधवार, 22 जुलाई को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। चर्चा है कि जांच एजेंसी कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में भी उनकी गिरफ्तारी कर सकती है और आगे की पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड मांग सकती है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी विभिन्न मामलों में रामगोपाल अग्रवाल की कस्टोडियल रिमांड लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और जांच एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है।

