सीतानदी-उदंती क्षेत्र की बदहाली और आदिवासियों के अधिकारों का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
विधायक अंबिका मरकाम ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए सरकार को घेरा, कहा—मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल हो समाधान
उत्तम साहू,नगरी/धमतरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीतानदी-उदंती धमतरी-गरियाबंद क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याएं अब छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंज उठी हैं। सिहावा विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम ने विधानसभा में नियम 138(1) के तहत ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत कर क्षेत्र के आदिवासी एवं ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखे जाने तथा उनके संवैधानिक अधिकारों के हनन का गंभीर मुद्दा उठाया।
विधायक मरकाम ने विधानसभा में कहा कि सीतानदी-उदंती क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों के ग्रामीण लंबे समय से सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर 22 जून 2026 को लगभग 130 किलोमीटर की पदयात्रा कर धमतरी कलेक्ट्रेट का घेराव किया था। इस पदयात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे।
योजनाओं के क्रियान्वयन में वन स्वीकृति बन रही बाधा
विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग की कार्यप्रणाली के कारण केंद्र एवं राज्य सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आंगनबाड़ी भवन, सड़क निर्माण और छोटे पुल-पुलियों जैसे विकास कार्य वन स्वीकृति के नाम पर वर्षों से लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी क्षेत्र के कई गांव सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। विकास कार्यों में लगातार हो रही देरी के कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
जैतपुरी में ग्रामीणों से मारपीट का मामला भी उठाया
विधायक अंबिका मरकाम ने नगरी विकासखंड के जैतपुरी गांव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वन विभाग के निर्देश पर ग्रामीणों के साथ कथित मारपीट की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस घटना में महिलाओं और बुजुर्गों तक के साथ दुर्व्यवहार किए जाने से क्षेत्र में भय और आक्रोश का वातावरण बना हुआ है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
बोराई अस्पताल की बदहाली पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित
विधायक ने बोराई सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं है। आवश्यक चिकित्सा मशीनें बंद पड़ी हैं और दवाइयों की भी कमी बनी हुई है।
गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लगभग 80 किलोमीटर दूर धमतरी रेफर किया जाता है। कई बार मरीजों की हालत इतनी गंभीर होती है कि उन्हें रास्ते में ही अपनी जान गंवानी पड़ती है। विधायक ने अस्पताल में तत्काल चिकित्सकों की नियुक्ति, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की मांग की।
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम ने सरकार से मांग की कि सीतानदी-उदंती क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने वन स्वीकृति से जुड़े अनावश्यक अवरोधों को दूर करने तथा आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनता एक बार फिर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

