नगरी के चार स्कूलों में गूंजी ‘सेहत प्रथम’ की पहल, 800 से अधिक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और नशामुक्ति का संदेश
उत्तम साहू 27 अगस्त 26
नगरी। आयुर्सानिध्य क्लीनिकल एजुकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘सेहत प्रथम’ परियोजना के अंतर्गत 24 एवं 25 अगस्त को नगरी विकासखंड के चार विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 800 से अधिक विद्यार्थियों को आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति एवं बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलरगांव तथा पीएम श्री गवर्नमेंट श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल नगरी में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वैद्य (डॉ.) प्रशांत साहू (BAMS), संस्थापक एवं अध्यक्ष, आयुर्सानिध्य क्लीनिकल एजुकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि स्वास्थ्य को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि बीमारी से पहले ही स्वस्थ रहने की समझ और आदत विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धांतों के माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या, स्वस्थ आदतों तथा आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी। विषयों को रोचक और सरल बनाने के लिए ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन एवं डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिया जोर
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को विशेष महत्व दिया गया। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, भावनात्मक स्वास्थ्य तथा स्वस्थ मन के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए तनावपूर्ण परिस्थितियों से सकारात्मक तरीके से निपटने के लिए जागरूक किया गया।
नशामुक्ति का संदेश बना कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा
‘सेहत प्रथम’ अभियान के तहत नशामुक्त भारत से संबंधित जागरूकता भी विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई। नशीले पदार्थों के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव, शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ने वाले नुकसान तथा नशे की लत से व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर धमतरी जिले में नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए जिला प्रशासन एवं कलेक्टर के प्रयासों की सराहना करते हुए फाउंडेशन की ओर से आभार व्यक्त किया गया। फाउंडेशन ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास युवाओं में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा विभाग और विद्यालयों का मिला सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नगरी के.आर. साहू का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं विद्यालय प्रबंधन ने भी कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
वैद्य (डॉ.) प्रशांत साहू एवं फाउंडेशन की टीम ने बताया कि ‘सेहत प्रथम’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि छोटी उम्र से ही preventive health यानी बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली की सोच विकसित करना है। इससे विद्यार्थी अपने खान-पान, दिनचर्या, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर स्वयं जागरूक निर्णय लेने में सक्षम हो सकेंगे।
दो दिवसीय यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति नई समझ और जागरूकता का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
“सेहत प्रथम — बीमारी से पहले स्वास्थ्य की समझ।”

