नारी महानदी पुल हत्याकांड का खुलासा: चावल कारोबार की रंजिश में हुई थी नीरज साहू की हत्या
21 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, कैंची और पाना से किया था जानलेवा हमला; सैकड़ों CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से पुलिस को मिली सफलता
उत्तम साहू
धमतरी। धमतरी जिले के बहुचर्चित नारी महानदी पुल हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कुरूद पुलिस ने चावल व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा से उपजी रंजिश के चलते 27 वर्षीय नीरज साहू की हत्या करने वाले 21 वर्षीय आरोपी बिरेंद्र कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। हत्या में प्रयुक्त कैंची और पाना भी आरोपी की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को नारी महानदी पुल पर मुख्य मार्ग में नीरज साहू का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। मृतक के गले और माथे पर गंभीर चोट के निशान थे तथा उसका बोलेरो पिकअप वाहन घटनास्थल पर ही खड़ा मिला था। प्रारंभिक जांच के बाद हत्या की पुष्टि होने पर थाना कुरूद में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देश पर कुरूद थाना, मगरलोड थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल तथा एसडीओपी रागिनी मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस ने कई दिनों तक लगातार जांच की। इस दौरान सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई तथा वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान पुलिस संदेही बिरेंद्र कुमार साहू तक पहुंची। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह और मृतक दोनों चावल का व्यवसाय करते थे। नीरज साहू का कारोबार बेहतर चलने और अधिक आय होने से वह उससे रंजिश रखने लगा था। इसी द्वेष के चलते उसने सुनसान स्थान पर नारी महानदी पुल के पास नीरज पर कैंची और पाना से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दोनों हथियार बरामद कर जब्त कर लिए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- बिरेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष)
- पिता – कन्हैयालाल साहू
- निवासी – सांकरा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी
धमतरी पुलिस ने कहा है कि गंभीर एवं सनसनीखेज अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग करते हुए अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

