जीविका संवर्धन पर केंद्रित रही कलेक्टर की टीएल बैठक, सफल मॉडल अपनाने और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश
धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को गंगरेल विश्राम गृह में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में जिले में आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार और हितग्राही-केंद्रित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य विषय "जीविका (Livelihood)" रहा, जिसमें विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं की प्रगति, नवाचारों और सफल हितग्राहियों के प्रेरक मॉडल प्रस्तुत किए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि हितग्राहियों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नवाचार और प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमिता, कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, खादी एवं ग्रामोद्योग, उद्योग, बैंकिंग तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, स्टार्टअप गतिविधियों, किसान क्रेडिट कार्ड, श्रमिक कल्याण योजनाओं, सक्षम योजना, प्रधानमंत्री अजय योजना तथा धरती आबा अभियान की प्रगति से अवगत कराया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विभाग केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि सफल हितग्राहियों की प्रेरक कहानियों, उत्कृष्ट मॉडलों और नवाचारों का दस्तावेजीकरण कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अन्य लोग भी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों और अन्य लंबित शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सुशासन शिविरों में प्राप्त लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने खाद एवं बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और छोटी पुलियाओं की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को तत्काल सर्वे कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित न हो।
बैठक में वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

