नशामुक्ति की राह पर ग्राम बनबगौद, महिलाओं ने संभाली कमान
सुबह-शाम गांव में गश्त लगाकर जागरूकता अभियान, युवाओं को नशे से दूर रखने लिया संकल्प
उत्तम साहू
धमतरी, 23 अगस्त 2026। जिले में नशामुक्ति को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों को अब गांवों में भी जनसहयोग मिलने लगा है। इसी कड़ी में आदिवासी बाहुल्य ग्राम बनबगौद (कुकरेल) की महिलाओं ने नशे के खिलाफ अनूठी पहल शुरू की है। गांव के करीब 30 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एकजुट होकर ग्राम को नशामुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय हो गई हैं।
नशे के कारण परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को करीब से देखने वाली महिलाओं ने अब इसके खिलाफ स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। गांव में नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के कारण दुर्घटनाओं में असमय मौत, परिवारों की आर्थिक स्थिति पर असर और नवविवाहित परिवारों के उजड़ने जैसी घटनाओं ने महिलाओं को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
सुबह-शाम गांव में गश्त, दे रहीं नशामुक्ति का संदेश
महिलाएं प्रतिदिन सुबह और शाम सामूहिक रूप से गांव में गश्त लगाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही हैं। इस दौरान वे नारे लगाकर युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील करती हैं। महिलाओं के इस प्रयास से गांव में सामाजिक जागरूकता के साथ सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हो रही है।
ग्राम विकास समिति ने दिया सहयोग का भरोसा
अभियान शुरू करने से पहले महिलाओं ने ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और अपनी पहल की जानकारी साझा की। महिलाओं ने समिति से सहयोग और सहमति का आग्रह किया। ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष एवं सचिव ने इस पहल का समर्थन करते हुए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
25 अगस्त को होगा विशेष कार्यक्रम
महिलाओं के उत्साह और सामाजिक सरोकार को प्रोत्साहित करने के लिए 25 अगस्त 2026 को ग्राम बनबगौद में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा महिलाओं को नशामुक्ति अभियान के उपयोग के लिए टोपी और बिगुल प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगरी, उप संचालक समाज कल्याण सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
मातृशक्ति के संकल्प से जनआंदोलन की उम्मीद
ग्राम बनबगौद की महिलाओं की यह पहल संदेश देती है कि सामाजिक बदलाव के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही नहीं, बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। महिलाओं ने जिस तरह नशे के खिलाफ कमान संभाली है, उससे गांव में नशामुक्ति अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है। उनका यह प्रयास युवाओं के सुरक्षित भविष्य, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की दिशा में प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।

