धमतरी..एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर जिले में अभियान तेज
बनबागौद पहुंचे कलेक्टर मिश्रा, लंबित पंजीयन समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश
उत्तम साहू
धमतरी, 28 अगस्त 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने ग्राम बनबागौद पहुंचकर एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के भूमि अभिलेख, खसरा विवरण, सहखातेदारों के पंजीयन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देशित किया कि प्रत्येक खातेदार के नाम दर्ज सभी खसरों के साथ सभी सहखातेदारों का एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। लंबित पंजीयन वाले किसानों से व्यक्तिगत संपर्क कर आवश्यक सहयोग देने तथा कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
धान विक्रय के लिए पंजीयन जरूरी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में एग्रीस्टैक में पंजीकृत कृषकों से ही धान खरीदी की जाएगी। ऐसे में किसान के खाते में दर्ज प्रत्येक खसरे और सभी सहखातेदारों का पंजीयन पूर्ण होना आवश्यक है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचने के लिए समय रहते पंजीयन करा लें।
एग्रीस्टैक के माध्यम से किसान और उसकी भूमि से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से एकीकृत होगी। इससे भूमि एवं फसल संबंधी विवरण के सत्यापन, पात्र किसानों की पहचान तथा धान खरीदी सहित विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी।
सोसायटी और सीएससी में पंजीयन की सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए संबंधित सहकारी समितियों और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में एग्रीस्टैक पंजीयन की व्यवस्था की गई है। पंजीयन प्रक्रिया ओटीपी आधारित है। खातेदार के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होती है, इसलिए किसानों को पंजीयन के समय आधार लिंक मोबाइल नंबर साथ रखना होगा।
पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा किसान किताब/किसान पुस्तिका साथ ले जाना आवश्यक है। भूमि संबंधी विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित राजस्व अमले से संपर्क कर उसका निराकरण कराया जा सकता है।
विशेष श्रेणी के किसानों का भी हो रहा पंजीयन
इस वर्ष एग्रीस्टैक पंजीयन का दायरा बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष वनाधिकार मान्यता पत्रधारी, डूबान भूमिधारक, शासकीय पट्टेधारक, शासकीय भूमि पर खेती करने वाले कृषक, संस्थागत कृषक, कोटवार तथा रेगहा-अधिया कृषकों सहित 25,810 कृषकों को पंजीयन से छूट प्राप्त थी। इस वर्ष इन श्रेणियों को भी एग्रीस्टैक व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
वर्तमान में विशेष श्रेणी के 1,262 कृषकों के 12,130 खसरों का पंजीयन शेष है। वहीं वनाधिकार मान्यता पत्रधारकों तथा डूब भूमि के नवीन पट्टेधारकों का पंजीयन सोसायटी मॉड्यूल में प्रारंभ कर दिया गया है।
73,823 बकेटिंग क्लेम के निराकरण का लक्ष्य
जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन को गति देने के लिए अनुभाग, तहसील और ग्राम स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। पटवारी, राजस्व निरीक्षक, आरएईओ, एसएडीओ, समिति सचिव, रोजगार सहायक और कोटवार सहित मैदानी अमले को लंबित पंजीयन पूर्ण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन ने शेष 73,823 बकेटिंग क्लेम तथा विशेष श्रेणी के लंबित 12,130 खसरों को समयबद्ध तरीके से एग्रीस्टैक से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ग्रामवार प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
किसानों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने किसानों से अपील की है कि वे अपने खाते में दर्ज प्रत्येक खसरे और सभी सहखातेदारों का एग्रीस्टैक पंजीयन जल्द पूरा कराएं। समय पर पंजीयन होने से धान विक्रय के समय होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक सुचारू एवं पारदर्शी तरीके से संपादित की जा सकेगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपने भूमि अभिलेख और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी पहले से जांच लेने का आग्रह किया है। किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर अंतिम समय का इंतजार न करते हुए संबंधित सहकारी समिति, सीएससी अथवा राजस्व अमले से संपर्क कर आवश्यक सुधार एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।

