आस्था से पर्यटन तक: रुद्रेश्वर धाम लिखेगा धमतरी के विकास की नई गाथा
महानदी तट पर पहली गंगा आरती बनी ऐतिहासिक पल, 20 करोड़ की विकास योजना से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
उत्तम साहू,धमतरी, 4 अगस्त। सावन के प्रथम सोमवार पर रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में इतिहास रचा गया। चित्रोत्पला महानदी के पावन तट पर पहली बार बनारस की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन हुआ, जिसने धमतरी को नई आध्यात्मिक पहचान देने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। अब सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां नियमित रूप से महानदी गंगा आरती होगी।
धमतरी युवा ब्रिगेड एवं श्री रुद्रेश्वर महादेव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 108 दीपों की ज्योति, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच महानदी का तट दिव्यता से आलोकित हो उठा। रोशनी से सजे घाट और जल में झिलमिलाते दीपों ने ऐसा मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया कि श्रद्धालुओं को काशी के घाटों का अनुभव होने लगा।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्याकुंज स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्रीराम, भगवान शिव और भगवान जगन्नाथ की स्तुति में भजनों की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना संपन्न हुई और वैदिक विधि-विधान से महानदी की गंगा आरती कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर विधायक ओंकार साहू, महापौर जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पूर्व विधायक रंजना साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को धमतरी की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया।
20 करोड़ से बदलेगा रुद्रेश्वर धाम का स्वरूप
महानदी गंगा आरती की शुरुआत ऐसे समय हुई है, जब राज्य शासन ने रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के माध्यम से तीन चरणों में विकसित होने वाली इस परियोजना में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा।
योजना के तहत भव्य प्रवेश द्वार, मंदिर शिखर, दीप स्तंभ, नंदी प्रतिमा, आकर्षक तोरण, चौड़े पैदल मार्ग, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, फूड कोर्ट, प्रसाद एवं स्मृति केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं और सुरक्षित घाट विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा रिवर फ्रंट कॉटेज, सांस्कृतिक मंडप, ओपन एयर स्टेज, उद्यान, भविष्य की मेरीन ड्राइव जैसी अवधारणाएं भी इस परियोजना का हिस्सा होंगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।
धार्मिक आस्था से आर्थिक विकास तक
महानदी गंगा आरती और रुद्रेश्वर धाम की विकास योजना केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह धमतरी में पर्यटन, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के नए अवसरों का द्वार खोलने वाली पहल है। यदि यह योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है, तो आने वाले समय में रुद्रेश्वर धाम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

