अब दूसरों के सहारे नहीं, अपने हौसलों से तय करेंगे सफर

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अब दूसरों के सहारे नहीं, अपने हौसलों से तय करेंगे सफर

कलेक्टर जनदर्शन में मिली मदद, दो दिव्यांग हितग्राहियों को प्रदान की गई मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल



ज्ञान शंकर तिवारी 

कोरबा, 10 अगस्त 2026। किसी जरूरतमंद के लिए मिली छोटी-सी सहायता भी उसके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। खासकर जब आवागमन की कठिनाइयों से जूझ रहे दिव्यांग व्यक्ति को अपने दम पर आगे बढ़ने का साधन मिले, तो यह सुविधा उसके लिए आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम बन जाती है। ऐसा ही बदलाव कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से कोरबा जिले के दो दिव्यांग हितग्राहियों के जीवन में आया है।

ग्राम गोढ़ी निवासी 50 वर्षीय शिवचरण केवट और ग्राम दादरकला निवासी 27 वर्षीय सावित्री साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया था। दोनों के लिए रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना कठिन था और कई बार उन्हें आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था।

हितग्राहियों के आवेदन को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संवेदनशीलता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। निर्देश के बाद विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर दोनों पात्र हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई।

सुविधा के साथ मिला आत्मविश्वास

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद शिवचरण केवट के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि ट्राईसाइकिल मिलने से रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन आसान होगा और अब उन्हें छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इस सहायता को अपने लिए नई आजादी और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



वहीं सावित्री साहू के लिए भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नई शुरुआत लेकर आई है। पहले जहां आवागमन की परेशानी उनके लिए बाधा बनती थी, अब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने जरूरी कार्यों के लिए आ-जा सकेंगी।

दोनों हितग्राहियों ने समय पर उनकी समस्या का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनदर्शन बना उम्मीद का माध्यम

कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण से यह संदेश सामने आता है कि जरूरतमंदों की समस्याओं को केवल दर्ज करना ही नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक समय पर सहायता पहुंचाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। शिवचरण केवट और सावित्री साहू के लिए जनदर्शन में दिया गया आवेदन महज एक कागज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद थी।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद अब दोनों हितग्राही दूसरों के सहारे के बजाय अपने हौसलों के साथ अपनी राह तय करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

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