पीएम श्री श्रृंगी ऋषि विद्यालय प्रबंधन समिति ने वर्षों से गंदे पड़े वॉटर टैंक की मिनटों में कराई सफाई
बच्चों की समस्याओं को प्राथमिकता से लिया, प्राचार्य नियमित रूप से पढ़ाएंगे भौतिकी के दो कालखंड
उत्तम साहू,नगरी। विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से गठित विद्यालय प्रबंधन समितियां अब जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। इसका उदाहरण पीएम श्री श्रृंगी ऋषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगरी में देखने को मिला, जहां नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाया।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने लंबे समय से गंदे पड़े वॉटर टैंक की सफाई कराए जाने की मांग समिति के समक्ष रखी। बच्चों की मांग को प्राथमिकता देते हुए समिति के अध्यक्ष खिलेश्वर कुमार साहू एवं उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार साहू ने सामुदायिक सहभागिता से वॉटर टैंक की सफाई कराई। वर्षों से साफ-सफाई के अभाव में पड़े टैंक की सफाई होने से विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।
विषय शिक्षक की कमी से पढ़ाई प्रभावित, समिति ने निकाला वैकल्पिक रास्ता
विद्यार्थियों ने समिति से संवाद के दौरान विषय शिक्षक की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या भी रखी। इस पर समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षकों को अतिरिक्त कालखंड लेकर पढ़ाई की भरपाई करने का सुझाव दिया। साथ ही प्राचार्य को नियमित रूप से भौतिकी विषय के दो कालखंड लेने का आग्रह किया गया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
समिति ने पुस्तकालय एवं खेल गतिविधियों को भी नियमित करने पर जोर दिया। पुस्तकालय एवं खेल शिक्षकों को समय-सारणी के अनुसार प्रत्येक कक्षा के लिए निश्चित कालखंड निर्धारित कर नियमित रूप से कक्षाएं एवं गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान
विद्यालय के शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को देखते हुए सफाई कर्मी को व्यवस्था दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई। समिति ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
वहीं मध्यान्ह भोजन कक्ष में स्थानीय ठेकेदार द्वारा छड़ एवं सीमेंट रखे जाने की जानकारी सामने आने पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए समिति ने संबंधित सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय परिसर में ऐसी सामग्री नहीं रखने की बात कही गई।
बच्चों की समस्याओं का समाधान ही समिति की प्राथमिकता
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल बैठकों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। शिक्षा, स्वच्छता, सुरक्षा, खेल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, पालक एवं समुदाय के सहयोग से निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से पालकों में भी विश्वास बढ़ा है। पालकों ने समिति की सक्रियता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि विद्यालय में शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर इसी तरह सकारात्मक पहल आगे भी जारी रहेगी।


