एग्रीस्टैक पंजीयन में तेजी लाएं, हर पात्र किसान तक पहुंचे कृषि सेवाओं का लाभ : सीईओ जयंत नाहटा
ग्राम नारी में एग्रीस्टैक शिविर का निरीक्षण, कोकड़ी सहकारी समिति में खाद, ऋण एवं भंडारण व्यवस्था की समीक्षा
उत्तम साहू
धमतरी, 10 अगस्त 2026। जिले के किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ने और शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा (आईएएस) ने सोमवार को ग्राम नारी में आयोजित एग्रीस्टैक शिविर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री नाहटा ने शिविर में किसानों के पंजीयन की स्थिति, पंजीयन प्रक्रिया तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर उनकी जानकारी और अनुभव भी जाना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पंजीयन कार्य में तेजी लाने तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ने के निर्देश दिए।
सीईओ श्री नाहटा ने इसके बाद प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोकड़ी का भ्रमण किया। यहां उन्होंने समिति की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए एग्रीस्टैक पंजीयन, खाद वितरण, किसानों को ऋण उपलब्ध कराने तथा खाद-बीज के भंडारण की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समिति में उपलब्ध कृषि आदानों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और किसानों को समय पर खाद-बीज सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने किसानों, समिति के कर्मचारियों तथा कृषि विभाग के मैदानी अमले से चर्चा कर कार्यों की प्रगति और जमीनी स्तर पर आ रही आवश्यकताओं की जानकारी भी प्राप्त की।
डिजिटल कृषि व्यवस्था से जुड़ेंगे किसान
सीईओ श्री जयंत नाहटा ने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार होने से कृषि योजनाओं और सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान एग्रीस्टैक पंजीयन से वंचित न रहे। शिविरों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए पंजीयन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही किसानों को खाद, ऋण और अन्य आवश्यक कृषि सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाए।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

