खेतों में पहुंचकर कलेक्टर ने परखी डिजिटल क्रॉप सर्वे की हकीकत
मौके पर देखी खसरा-वार गिरदावरी प्रक्रिया, शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित सर्वे के दिए निर्देश
उत्तम साहू
धमतरी, 28 अगस्त 2026। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने तहसील कुकरेल के ग्राम बनबगौद में पहुंचकर खेत स्तर पर डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण किया। उन्होंने मोबाइल एप के माध्यम से की जा रही खसरा-वार गिरदावरी की प्रक्रिया को मौके पर देखा और अधिकारियों-कर्मचारियों से सर्वे की प्रगति तथा तकनीकी दिक्कतों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चयनित सभी खसरों का शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित डिजिटल सर्वे निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। खेत में दर्ज फसल, रकबा और भूमि की स्थिति का मौके पर ही सत्यापन करने तथा संबंधित फोटो सही तरीके से अपलोड करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
राजस्व रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही हो अनुमोदन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और सर्वेयर से जानकारी ली। उन्होंने पटवारी की आईडी में अनुमोदन के लिए प्राप्त प्रस्तावों का राजस्व अभिलेखों से अनिवार्य रूप से मिलान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौके पर दर्ज फसल, रकबा और फोटो का सत्यापन करने के बाद ही प्रस्तावों का समय-सीमा में अनुमोदन किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का उद्देश्य महज आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि खेत स्तर की वास्तविक स्थिति को विश्वसनीय डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करना है। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि में तथ्यात्मक शुद्धता और प्रमाणिकता सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गलत जानकारी की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी।
तकनीकी समस्याओं के समाधान और कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
कलेक्टर ने डीसीएस पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेकर उनके निराकरण के लिए शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने फील्ड में सर्वे कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने तथा मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना बनाने को कहा।
उन्होंने पिछले वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई विसंगतियों का विश्लेषण कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
531 गांवों में चल रहा डिजिटल क्रॉप सर्वे
जिले के कुल 645 ग्रामों में से 531 ग्रामों का चयन डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए किया गया है। इन गांवों में 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक खसरा-वार फसल एवं भूमि का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है।
चयनित 531 ग्रामों में कुल 5 लाख 22 हजार 808 खसरे दर्ज हैं। इनमें से अब तक 1 लाख 26 हजार 269 खसरों का सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि 17 हजार 961 खसरों का पटवारी स्तर पर अनुमोदन हो चुका है। शेष खसरों में दर्ज जानकारी का राजस्व अभिलेखों से मिलान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
फसल, रकबा और सिंचाई की जानकारी होगी डिजिटल
डीसीएस के माध्यम से प्रत्येक खसरे की वास्तविक स्थिति डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इसमें बोई गई फसल, फसल का रकबा, पड़त भूमि, कृषि के लिए अनुपयुक्त भूमि, सिंचाई के साधन तथा भूमिधारक से संबंधित आवश्यक जानकारी शामिल है।
इससे जिले में कृषि रकबे, भूमि उपयोग तथा सिंचित-असिंचित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। फसलवार डिजिटल आंकड़े भविष्य में कृषि उत्पादन के अनुमान, फसल योजना, समर्थन मूल्य पर संभावित खरीदी और किसानों से जुड़ी विभिन्न शासकीय व्यवस्थाओं की बेहतर योजना बनाने में उपयोगी साबित होंगे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को 30 सितंबर 2026 तक चयनित 531 ग्रामों के शेष खसरों का सर्वे एवं अनुमोदन निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तैयार होने वाला डिजिटल रिकॉर्ड खेत की वास्तविक स्थिति का सही और प्रमाणिक प्रतिबिंब होना चाहिए।



