नगरी..पदमपुर के बीरेंद्र देवांगन हत्या काण्ड में आरोपी को उम्रकैद की सजा
गंगरेल जंगल में मिली थी सड़ी-गली लाश, सत्र न्यायालय ने आरोपी खुशवंत उर्फ खुब्बू को सुनाई उम्रकैद की सजा
धमतरी/नगरी। करीब दो साल पहले गंगरेल के जंगल में सड़ी-गली अवस्था में मिली पदमपुर निवासी बीरेंद्र देवांगन की लाश से जुड़े चर्चित हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के आरोपी खुशवंत उर्फ खुब्बू को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतक के परिजनों को राहत मिली है।
कर्ज से परेशान था बीरेंद्र, तांत्रिक क्रिया के नाम पर बनाया निशाना
मामले के अनुसार, बीरेंद्र देवांगन आर्थिक संकट और कर्ज की परेशानी से जूझ रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी खुशवंत उर्फ खुब्बू से हुई। पुलिस जांच में आरोप सामने आया कि आरोपी ने तांत्रिक क्रिया के जरिए कर्ज खत्म कराने का झांसा देकर बीरेंद्र को अपने जाल में फंसाया और उससे लाखों रुपये की ठगी की।
बताया गया कि समय बीतने के साथ मृतक को आरोपी की कथित गतिविधियों और ठगी के संबंध में जानकारी होने लगी थी। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से आरोपी को अपने राज खुलने का डर सताने लगा और उसने बीरेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
गंगरेल के जंगल में बुलाया, जहरीला पदार्थ पिलाने का आरोप
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने तांत्रिक क्रिया के बहाने बीरेंद्र को गंगरेल के जंगल में बुलाया। वहां गंगाजल में साइनाइड जैसा घातक जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाने का आरोप है। इसके बाद बीरेंद्र की मौत हो गई और आरोपी ने शव को जंगल में छोड़ दिया।
कई दिनों बाद जंगल में शव मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और जांच के दौरान हत्या की कड़ियां आरोपी खुशवंत उर्फ खुब्बू तक पहुंचीं।
साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत का फैसला
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर प्रकरण न्यायालय में पेश किया। सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने खुशवंत उर्फ खुब्बू को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
गंगरेल के जंगल में मिले शव से शुरू हुआ यह मामला अब अदालत के फैसले के साथ एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। तांत्रिक क्रिया के नाम पर कर्ज में डूबे व्यक्ति को कथित तौर पर जाल में फंसाने और फिर उसकी हत्या करने वाले इस चर्चित मामले में उम्रकैद का फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

