POCSO मामले में दोषी को उम्रकैद: धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना से पीड़िता को मिला न्याय
उत्तम साहू
धमतरी, 4 अगस्त 2026। नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित करते हुए धमतरी पुलिस ने POCSO एक्ट के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सफलता हासिल की है। प्रभावी विवेचना और मजबूत न्यायालयीन पैरवी के चलते विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह मामला थाना सिटी कोतवाली धमतरी के अपराध क्रमांक 311/2025 से संबंधित है, जिसमें सुनील उर्फ चोवाराम उर्फ सुमीत डहरे (37 वर्ष), निवासी दानीटोला, धमतरी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2), 351(2) एवं POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक श्रीमती सरिता मानिकपुरी ने की। उन्होंने साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन कर समयबद्ध ढंग से विवेचना पूरी की, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मजबूत पैरवी की और आरोपी को कठोर सजा दिलाई।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाल अपराधों के मामलों में "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना के लिए उप निरीक्षक श्रीमती सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में पुरस्कार (ईनाम) प्रदान करने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

